ढिल्लों ब्रदर्स मामले में तीन पुलिसकर्मियों को राहत, अदालत ने किया डिस्चार्ज
जालंधर। बहुचर्चित ढिल्लों ब्रदर्स मामले में कपूरथला की अतिरिक्त सत्र अदालत ने तत्कालीन थाना डिवीजन नंबर-1 के एसएचओ इंस्पेक्टर नवदीप सिंह, एएसआई बलविंदर कुमार और महिला कांस्टेबल जगजीत कौर को बड़ी राहत देते हुए मामले से डिस्चार्ज कर दिया है। अदालत ने कहा कि उपलब्ध रिकॉर्ड और तथ्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला नहीं बनता।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश गुरमीत टिवाना ने मंगलवार को अपना फैसला सुनाते हुए तीनों पुलिसकर्मियों की डिस्चार्ज याचिका स्वीकार कर ली। अदालत ने मामले से संबंधित दस्तावेजों और परिस्थितियों का अवलोकन करने के बाद यह निष्कर्ष निकाला कि उनके खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त आधार मौजूद नहीं हैं।
गौरतलब है कि यह मामला 16 अगस्त 2023 का है। पुलिस कार्रवाई के बाद मानवजीत सिंह ढिल्लों और उनके छोटे भाई जश्नबीर सिंह ढिल्लों ने गोइंदवाल पुल से ब्यास नदी में छलांग लगा दी थी। इस घटना के बाद संबंधित पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों पर आत्महत्या के लिए उकसाने सहित विभिन्न आरोप लगाए गए थे तथा उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।
मामले में नामजद तीनों पुलिसकर्मियों ने अदालत में याचिका दायर कर स्वयं को मामले से मुक्त किए जाने की मांग की थी। सुनवाई के दौरान अदालत ने रिकॉर्ड पर उपलब्ध साक्ष्यों, जांच रिपोर्ट और घटनाक्रम का अध्ययन किया।
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि उपलब्ध सामग्री से यह साबित नहीं होता कि आरोपित पुलिसकर्मियों ने ऐसा कोई कार्य किया, जिसे आत्महत्या के लिए उकसाने की श्रेणी में रखा जा सके। इसी आधार पर इंस्पेक्टर नवदीप सिंह, एएसआई बलविंदर कुमार और महिला कांस्टेबल जगजीत कौर को मामले से डिस्चार्ज कर दिया गया।
अदालत के इस फैसले को तीनों पुलिसकर्मियों के लिए बड़ी कानूनी राहत माना जा रहा है। हालांकि मामले के अन्य पहलुओं को लेकर कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।