जालंधर में कथित बुकी का नेटवर्क! युवाओं को ऑनलाइन जुए की लत लगाने के आरोप, आलीशान जिंदगी पर उठे सवाल
जालंधर। शहर में ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुए के कथित नेटवर्क को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि सोढल इलाके में सक्रिय एक व्यक्ति, जिसे स्थानीय स्तर पर करण उर्फ “बैली लंगड़ा” के नाम से जाना जाता है, कथित तौर पर ऑनलाइन सट्टेबाजी का कारोबार चला रहा है।
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, इस कथित नेटवर्क से जुड़े कई युवाओं और परिवारों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। आरोप यह भी हैं कि जिन लोगों को ऑनलाइन जुए की लत लगाई गई, उनमें से कई परिवार कर्ज और आर्थिक परेशानी तक पहुंच गए।
करोड़ों की कथित कमाई और लग्जरी लाइफस्टाइल पर सवाल
सूत्रों का दावा है कि करण के पास कई फ्लैट, लग्जरी गाड़ियां और महंगी जीवनशैली से जुड़ी संपत्तियां हैं। हालांकि इन संपत्तियों और कथित कमाई के स्रोत की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। यही वजह है कि पूरे मामले में वित्तीय जांच की जरूरत महसूस की जा रही है।
सबसे गंभीर आरोप यह है कि ऑनलाइन सट्टेबाजी के लिए कथित तौर पर एक अलग आईडी/प्लेटफॉर्म व्यवस्था बनाई गई है, जिसके माध्यम से ग्राहकों के अकाउंट तैयार किए जाते हैं और उनके सट्टे में हारने के बाद कथित रूप से मोटी रकम की वसूली की जाती है।
जांच हो तो सामने आ सकता है बड़ा नेटवर्क?
अगर जांच एजेंसियां इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करती हैं तो बैंक खातों, डिजिटल लेन-देन, मोबाइल नंबरों, ऑनलाइन आईडी और पैसों के लेन-देन की कड़ियां खंगालने से कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका सामने आ सकती है।
जालंधर में पहले भी क्रिकेट सट्टेबाजी के मामलों में पुलिस जांच के दौरान कई आरोपियों और कथित नेटवर्क के लिंक सामने आ चुके हैं।
ऐसे मामलों में डिजिटल लेन-देन और ऑनलाइन गतिविधियों की जांच अहम हो जाती है। जालंधर पुलिस की साइबर क्राइम व्यवस्था ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जुड़े अपराधों की रिपोर्टिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराती है।
हालांकि, करण उर्फ “बैली लंगड़ा” के खिलाफ लगाए गए उपरोक्त आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस समय नहीं हुई है। संबंधित व्यक्ति का पक्ष और जांच एजेंसियों की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाना चाहिए।
अगले पार्ट में क्या?
अगली कड़ी में कथित ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क से जुड़े अकाउंट/आईडी, पैसों के लेन-देन और सामने आए दस्तावेजों की पड़ताल—क्या है पूरा खेल?