जिमखाना क्लब चुनाव में सियासी तडक़ा: नेता जी के ग्रुप में आता है प्रोग्रेसिव ग्रुप का प्रैस नोट
जालंधर: अगर किसी अच्छी भली संस्था का बेड़ागर्क करना हो तो वहां पर राजनीतिक दलों की एंट्री करवा दीजिए फिर देखिए नेताओं के बयान और फेमस होने की लालसा उस संस्था का बेड़ागर्क कर देगी। अब जालंधर में भी ऐसा हो रहा है। जालंधर के सबसे प्रसिद्ध क्लब के चुनाव होने जा रहे हैं और इन चुनावों में एक ग्रुप अचीवर्स है जिसका मुकाबला प्रोग्रेसिव से है। सूत्रों के मुताबिक इस चुनाव में सेंट्रल हलके के एक नेता जी बहुत ज्यादा रुचि ले रहे हैं और उनके दफ्तर से ही प्रोग्रेसिव ग्रुप की गतिविधि का प्रैस नोट रिलीज होता है। अब प्रैस नोट वाले ग्रुप का नाम या तो प्रोग्रेसिव ग्रुप के नाम से होता तब भी
ठीक था लेकिन ऐसा नहीं है। ग्रुप में प्रोग्रेसिव ग्रुप की बाकी गतिविधियां भी आती हैं। यानि कौन प्रोग्रेसिव ग्रुप का समर्थन कर रहा है इसका भी प्रैस नोट राजनीतिक गतिविधियों वाले ग्रुुप में आता है।
वैसे जालंधर जिमखाना क्लब के आगामी चुनाव को लेकर शहर के सामाजिक और राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ती जा रही है। क्लब चुनाव में इस बार कुछ ऐसे चेहरों की सक्रियता चर्चा का विषय बनी हुई है, जिनका प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष जुड़ाव राजनीति से रहा है। ऐसे में क्लब का चुनाव अब केवल क्लब की व्यवस्थाओं और सदस्य हितों तक सीमित न रहकर शहर की सियासी चर्चाओं में भी जगह बनाने लगा है।
क्लब से जुड़े सूत्रों के अनुसार, संभावित उम्मीदवारों द्वारा सदस्यों से संपर्क साधने और समर्थन जुटाने का सिलसिला तेज हो गया है। चुनावी गतिविधियों के बीच कुछ उम्मीदवारों के राजनीतिक संपर्क और प्रभाव को लेकर भी क्लब सदस्यों के बीच चर्चा चल रही है।
फिलहाल जिमखाना क्लब चुनाव की पूरी तस्वीर सामने आने में समय है, लेकिन राजनीतिक चेहरों की सक्रियता ने चुनावी मुकाबले को जरूर दिलचस्प बना दिया है।