महानगर के एक निजी क्लिनिक में उपचार के दौरान 45 वर्षीय महिला की मौत के बाद हड़कंप मच गया। मृतका की पहचान रजनी के रूप में हुई है। परिजनों ने क्लिनिक संचालक के बेटे पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि बिना उचित जांच और चिकित्सकीय प्रक्रिया अपनाए इंजेक्शन लगाने के बाद महिला की हालत बिगड़ गई, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मृतका की बेटी के अनुसार, 17 जुलाई को उसकी मां रजनी को अचानक घबराहट और बेचैनी महसूस होने लगी। प्राथमिक उपचार के उद्देश्य से वह अपनी मां को नजदीक स्थित एक निजी क्लिनिक में लेकर गई। आरोप है कि उस समय क्लिनिक के मुख्य चिकित्सक मौजूद नहीं थे और उनकी जगह उनका बेटा मनजीत मरीजों को देख रहा था।
परिजनों का कहना है कि महिला की स्थिति का विस्तृत परीक्षण किए बिना उसे एक इंजेक्शन लगाया गया। इंजेक्शन लगने के कुछ ही समय बाद रजनी की तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी। आरोप है कि महिला को ऐंठन और अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं होने लगीं। परिजनों ने तत्काल सहायता की मांग की, लेकिन स्थिति लगातार गंभीर होती चली गई।
परिवार का दावा है कि अस्पताल ले जाने की तैयारी के दौरान ही रजनी ने दम तोड़ दिया। घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में रोष फैल गया तथा क्लिनिक के बाहर हंगामे की स्थिति बन गई।
सूचना मिलने पर थाना डिवीजन नंबर 2 की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल के शवगृह में भेज दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जाएगा।
जांच अधिकारियों ने बताया कि मृतका की बेटी के बयान के आधार पर क्लिनिक संचालक के बेटे मनजीत के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है, जिसमें उपचार की प्रक्रिया, संबंधित व्यक्ति की भूमिका तथा चिकित्सकीय योग्यता से जुड़े तथ्यों की भी पड़ताल की जाएगी।
पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने और चिकित्सकीय रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले ने क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।