पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के सामने जगराओं स्थित एक मकान से जुड़ा किरायेदारी विवाद पहुंचा। मामले में मकान मालिक कनाडा चला गया था और उसने अपना मकान 20 हजार रुपये मासिक किराये पर दे रखा था। बाद में मकान मालिक ने भारत आने के दौरान अपने इस्तेमाल के लिए मकान खाली कराने की मांग की। किरायेदार ने इसका विरोध किया। रिपोर्ट के अनुसार हाईकोर्ट ने मकान मालिक की बेदखली की मांग को स्वीकार नहीं किया और किरायेदार को मकान में रहने की अनुमति दी। यह मामला उन परिस्थितियों से जुड़ा है जहां विदेश में रहने वाला मकान मालिक भारत आने पर अपने मकान के निजी उपयोग का आधार लेकर किरायेदार से कब्जा वापस मांगता है। फैसले में किरायेदारी और मकान मालिक की आवश्यकता से जुड़े कानूनी पहलुओं पर विचार किया गया। यह निर्णय पंजाब में एनआरआई मकान मालिकों और किरायेदारों से जुड़े विवादों के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण है।
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