मजबूत वैश्विक संकेतों से शेयर बाजार में तेजी, सेंसेक्स 466 अंक चढ़ा
मुंबई, 4 सितंबर। मजबूत वैश्विक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार के कारोबारी सत्र की शुरुआत बढ़त के साथ की। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों हरे निशान में रहे। सुबह 9:21 बजे सेंसेक्स 466 अंक यानी 0.61 प्रतिशत की बढ़त के साथ 76,619 अंक पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी 46 अंक यानी 0.20 प्रतिशत की मजबूती के साथ 23,916 अंक पर पहुंच गया।
डिफेंस और आईटी सेक्टर में तेजी
शुरुआती कारोबार में डिफेंस और आईटी शेयरों ने बाजार को मजबूती देने का काम किया। सेक्टोरल सूचकांकों में निफ्टी इंडिया डिफेंस 0.89 प्रतिशत और निफ्टी आईटी 0.56 प्रतिशत की बढ़त के साथ प्रमुख गेनर्स रहे।
इसके अलावा निफ्टी रियल्टी, फाइनेंशियल सर्विसेज, सर्विसेज, प्राइवेट बैंक, इंफ्रा, ऑयल एंड गैस और पीएसई सूचकांक भी बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए।
वहीं, निफ्टी फार्मा, हेल्थकेयर, एनर्जी और कमोडिटीज सूचकांक में गिरावट दर्ज की गई।
मिडकैप-स्मॉलकैप में मिला-जुला रुख
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में कारोबार मिला-जुला रहा। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स करीब सपाट रहकर 63,237 अंक के आसपास कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 83 अंक यानी 0.42 प्रतिशत की तेजी के साथ 20,134 अंक पर पहुंच गया।
सेंसेक्स के कई प्रमुख शेयरों में खरीदारी
सेंसेक्स पैक में बजाज फिनसर्व, इंडिगो, ट्रेंट, इंफोसिस, टीसीएस, अदाणी पोर्ट्स, बजाज फाइनेंस, टेक महिंद्रा, बीईएल, एचडीएफसी बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, टाइटन, एमएंडएम, आईटीसी, एसबीआई, एचसीएल टेक, एलएंडटी, पावर ग्रिड और टाटा स्टील बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे।
दूसरी ओर एक्सिस बैंक, इटरनल, भारती एयरटेल और एचयूएल में दबाव देखने को मिला।
एशियाई और अमेरिकी बाजारों में भी तेजी
वैश्विक बाजारों से भी भारतीय बाजार को सकारात्मक संकेत मिले। एशियाई बाजारों में टोक्यो, शंघाई, हांगकांग, बैंकॉक और सियोल के प्रमुख सूचकांक हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। इससे पहले अमेरिकी बाजार भी बढ़त के साथ बंद हुए थे। डॉव जोन्स में 1.18 प्रतिशत और नैस्डैक में 1.40 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई।
घरेलू अर्थव्यवस्था मजबूत, लेकिन वैश्विक चुनौतियां बरकरार
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक मौजूदा समय में भारतीय बाजार के सामने घरेलू स्तर पर कई सकारात्मक संकेत हैं, जबकि वैश्विक स्तर पर कुछ चुनौतियां बनी हुई हैं। घरेलू अर्थव्यवस्था में 7.8 प्रतिशत की जीडीपी वृद्धि और निजी निवेश में बढ़ोतरी को सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
हालांकि, अमेरिका, यूरोप, ब्रिटेन और जापान में बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी वैश्विक बाजारों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। इसके चलते निवेशक बाजार में सतर्क रुख अपना रहे हैं और आगे की दिशा के लिए वैश्विक आर्थिक संकेतों तथा ब्याज दरों से जुड़े घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।