पंजाब की राजनीति में नया मोड़ तब आया जब आम आदमी पार्टी (AAP) से दूरी बनाने वाले सांसदों की सुरक्षा को लेकर बहस तेज हो गई। ताजा घटनाक्रम में सांसद अशोक मित्तल को केंद्र सरकार द्वारा सुरक्षा मुहैया करवाए जाने की खबर है, जिससे सियासी चर्चाएं और गर्म हो गई हैं।
इससे पहले पूर्व क्रिकेटर और राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह को लेकर भी बड़ा घटनाक्रम सामने आया। 26 अप्रैल को जैसे ही पंजाब सरकार ने उनकी Y कैटेगरी सुरक्षा वापस ली, तुरंत बाद केंद्र ने उन्हें केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की सुरक्षा प्रदान कर दी। अब उनके घर के बाहर केंद्रीय बल तैनात है।
वहीं राघव चड्ढा ने पहले दावा किया था कि 7 सांसद पार्टी से दूरी बना सकते हैं, जिनमें हरभजन सिंह का नाम भी शामिल है। हालांकि, हरभजन सिंह ने अभी तक पार्टी छोड़ने या भारतीय जनता पार्टी (BJP) जॉइन करने को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।
क्या है सियासी संकेत?
इस पूरे घटनाक्रम ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं:
- क्या यह केवल सुरक्षा का मामला है?
- या इसके पीछे कोई बड़ा राजनीतिक संदेश छिपा है?
जिस तेजी से राज्य सरकार ने सुरक्षा वापस ली और केंद्र ने तुरंत सुरक्षा उपलब्ध करवाई, उसने राजनीतिक गलियारों में अटकलों को और तेज कर दिया है।