पंजाब की सियासत में हलचल: प्रधानमंत्री मोदी से मिले सुखबीर बादल, गठबंधन की अटकलें तेज
नई दिल्ली/चंडीगढ़: पंजाब विधानसभा चुनावों के नजदीक आते ही राज्य की राजनीति में गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी बीच शिरोमणि अकाली दल (SAD) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुलाकात ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। इस हाई-प्रोफाइल बैठक के बाद अकाली दल और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच संभावित गठबंधन को लेकर अटकलें एक बार फिर तेज हो गई हैं।
सूत्रों के अनुसार, सुखबीर सिंह बादल शनिवार सुबह विशेष तौर पर दिल्ली पहुंचे और संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत को काफी अहम माना जा रहा है। हालांकि बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा हुई, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है, लेकिन चुनावी माहौल के बीच हुई इस मुलाकात को राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पंजाब विधानसभा चुनाव में अब कुछ ही महीने शेष हैं और ऐसे समय में दोनों नेताओं का मिलना कई संकेत दे सकता है। लंबे समय तक अकाली दल और भाजपा ने गठबंधन के तहत पंजाब की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। हालांकि कृषि कानूनों के मुद्दे के बाद दोनों दलों के रास्ते अलग हो गए थे।
अब प्रधानमंत्री और अकाली दल प्रमुख की मुलाकात ने इस संभावना को बल दिया है कि दोनों दल चुनावी रणनीति को लेकर नए सिरे से विचार कर सकते हैं। हालांकि अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से गठबंधन को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है।
यदि भविष्य में अकाली दल और भाजपा के बीच फिर से चुनावी समझौता होता है, तो इसका सीधा असर पंजाब के राजनीतिक समीकरणों पर पड़ सकता है। इससे राज्य में मुकाबला और अधिक रोचक हो सकता है तथा अन्य राजनीतिक दलों की रणनीतियों पर भी प्रभाव पड़ सकता है।
फिलहाल सभी की नजरें दोनों दलों की आगामी राजनीतिक गतिविधियों और संभावित घोषणाओं पर टिकी हुई हैं। आने वाले दिनों में यह साफ हो सकेगा कि यह मुलाकात केवल शिष्टाचार भेंट थी या फिर पंजाब की राजनीति में किसी नए अध्याय की शुरुआत का संकेत।