पंजाब कांग्रेस में बगावत के संकेत: रंधावा की अमित शाह से मुलाकात और चन्नी के शक्ति प्रदर्शन से बढ़ी सियासी हलचल
पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ दल के भीतर उठी राजनीतिक हलचल के बीच अब पंजाब की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस में भी अंदरूनी असंतोष खुलकर सामने आता दिखाई दे रहा है। वर्ष 2027 में प्रस्तावित विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी के भीतर मतभेद और नेतृत्व को लेकर असहमति की चर्चाएं तेज हो गई हैं। एक ओर गुरदासपुर से कांग्रेस सांसद Sukhjinder Singh Randhawa की केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah से मुलाकात चर्चा का विषय बनी हुई है, वहीं दूसरी ओर पूर्व मुख्यमंत्री Charanjit Singh Channi भी पार्टी नेतृत्व को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर करते नजर आ रहे हैं।
अमित शाह से रंधावा की मुलाकात ने बढ़ाई अटकलें
राजनीतिक गलियारों में उस समय चर्चाओं का दौर तेज हो गया जब सुखजिंदर सिंह रंधावा दिल्ली में अमित शाह से मिले। इस मुलाकात के दौरान भाजपा के राज्यसभा सांसद एवं राष्ट्रीय महामंत्री Tarun Chugh की मौजूदगी ने भी कई तरह की अटकलों को जन्म दिया। हालांकि मुलाकात के उद्देश्य को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन इसे लेकर विभिन्न राजनीतिक चर्चाएं जारी हैं।
राजा वड़िंग को दोबारा जिम्मेदारी मिलने से बढ़ी नाराजगी
हाल ही में कांग्रेस हाईकमान ने लुधियाना से सांसद Amarinder Singh Raja Warring को पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PPCC) का अध्यक्ष बनाए रखने का निर्णय लिया। बताया जा रहा है कि इस फैसले से पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं में असंतोष है। राजनीतिक चर्चाओं के अनुसार, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी भी इस निर्णय से संतुष्ट नहीं हैं और उन्होंने अपने समर्थकों के साथ सक्रिय बैठकें शुरू कर दी हैं।
मोरिंडा में चन्नी की बैठक को माना जा रहा शक्ति प्रदर्शन
चरणजीत सिंह चन्नी ने अपने मोरिंडा स्थित आवास पर कांग्रेस नेताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इस बैठक को उनके शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है। बैठक में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं और विधायकों ने भाग लिया।
बैठक में विधायक Tript Rajinder Singh Bajwa, Gurmeet Singh Meet Hayer Kala Dhillon (काला ढिल्लों), Rana Gurjeet Singh, पूर्व उपमुख्यमंत्री Om Parkash Soni, पूर्व मंत्री Bharat Bhushan Ashu तथा Gurkirat Singh Kotli सहित कई नेता शामिल हुए। इसके अलावा कई पूर्व विधायक, पूर्व सांसद और कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेता भी बैठक में मौजूद रहे।
कांग्रेस में बढ़ी गुटबाजी की चर्चा
राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि हाल के घटनाक्रमों ने पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व और संगठनात्मक मुद्दों को लेकर चल रही असहमति को उजागर किया है। हालांकि पार्टी की ओर से किसी संभावित टूट या विभाजन को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन नेताओं की गतिविधियों ने राज्य की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। आने वाले समय में पार्टी नेतृत्व इन मतभेदों को किस प्रकार सुलझाता है, इस पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।