फिल्लौर में आरोपों का तूफान: विधवा महिला ने धमकियों और झूठे केस में फंसाने के लगाए आरोप
पांच लोगों पर गंभीर आरोप, महिला बोली- परिवार को जान-माल का खतरा; पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच और सुरक्षा की गुहार
फिल्लौर। फिल्लौर के मोहल्ला ऊंची घाटी, वार्ड नंबर 10 निवासी एक विधवा महिला ने पुलिस प्रशासन के समक्ष शिकायत देकर पांच लोगों पर उसे, उसके बेटे विजय कुमार और अन्य पारिवारिक सदस्यों को कथित तौर पर झूठे व गैरकानूनी मामलों में फंसाने की धमकियां देने तथा जान-माल को नुकसान पहुंचाने का गंभीर आरोप लगाया है। शिकायत में रंजीत मसीह, बंटी मसीह पुत्र विलियम मसीह, सैम उर्फ बइया, एरिक तथा नगर कौंसिल फिल्लौर के पार्षद सुरिंदर डाबर के नाम दर्ज किए गए हैं।
महिला ने अपनी शिकायत में खुद को शांतिप्रिय और विधवा बताते हुए कहा है कि नामजद लोगों में से कुछ उसके पारिवारिक रिश्तेदार हैं। उसका आरोप है कि उक्त लोग उसके बेटे विजय कुमार और परिवार के अन्य सदस्यों पर तरह-तरह के आरोप लगाकर उन्हें किसी न किसी कथित झूठे केस में फंसाने का प्रयास कर रहे हैं।
शिकायत में विशेष रूप से एक आरोप का उल्लेख करते हुए महिला ने कहा कि उसके बेटे विजय कुमार पर यह आरोप लगाया जा रहा है कि उसने रिश्तेदारी में लगने वाली अपनी चाची के साथ मारपीट की और उसके कपड़े फाड़े। महिला ने इस आरोप को पूरी तरह गलत और निराधार बताते हुए कहा कि उसके बेटे ने ऐसा कोई कृत्य नहीं किया।
नशे की सप्लाई के भी लगाए गंभीर आरोप
शिकायतकर्ता ने नामजद लोगों पर समाज विरोधी गतिविधियों और कथित तौर पर नशे की सप्लाई से जुड़े होने के भी आरोप लगाए हैं। हालांकि ये आरोप शिकायतकर्ता के हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। महिला ने दावा किया कि नामजद व्यक्तियों में से कुछ सरकारी संस्थानों में ड्यूटी करते हैं और आरोप लगाया कि उनके कथित प्रभाव का इस्तेमाल परिवार पर दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है।
महिला ने यह भी आरोप लगाया कि जब वह, उसका बेटा या परिवार का कोई सदस्य कथित गैरकानूनी गतिविधियों का विरोध करता है तो उन्हें झूठे आरोपों में फंसाने की धमकियां दी जाती हैं। शिकायत के अनुसार, परिवार को कथित तौर पर जान से मारने तथा झूठे केस में फंसाकर जेल भिजवाने की धमकियां भी दी गई हैं।
“किसी भी अनहोनी के लिए इन्हें जिम्मेदार माना जाए”
शिकायतकर्ता ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाई जाए और यदि आरोप सही पाए जाएं तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए। महिला ने अपने और परिवार के सदस्यों के लिए सुरक्षा की मांग करते हुए कहा है कि यदि भविष्य में उसके, उसके बेटे या परिवार के किसी सदस्य के साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो शिकायत में नामजद लोगों की भूमिका की जांच की जाए।
मामला अब पुलिस जांच और प्रशासनिक कार्रवाई की ओर देख रहा है। महत्वपूर्ण यह है कि शिकायत में लगाए गए नशे की सप्लाई, धमकियों और झूठे मुकदमों में फंसाने जैसे सभी आरोप फिलहाल शिकायतकर्ता के कथन पर आधारित हैं। इनकी पुष्टि पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकेगी। दूसरी ओर, जिन लोगों पर आरोप लगाए गए हैं, उनका पक्ष सामने आने पर ही मामले की तस्वीर और स्पष्ट होगी।