लाखों की लागत से बना वेंडिंग जोन बदहाली का शिकार, सीवरेज जाम से दुकानदार परेशान
जालंधर। नगर निगम जालंधर द्वारा कुछ वर्ष पहले बस स्टैंड के निकट जसवंत मोटर्स के सामने लाखों रुपये की लागत से बनाए गए स्ट्रीट वेंडिंग जोन की हालत बद से बदतर हो चुकी है। इस वेंडिंग जोन का उद्देश्य बस स्टैंड के आसपास लगने वाली रेहड़ियों को एक स्थान पर व्यवस्थित करना था, लेकिन निगम की अनदेखी के चलते यह योजना अपने मकसद में पूरी तरह सफल नहीं हो सकी।
शुरुआती दौर में नगर निगम ने रेहड़ी-फड़ी विक्रेताओं को यहां शिफ्ट करने के लिए अभियान चलाया था, लेकिन बाद में वेंडिंग जोन की देखरेख और सुविधाओं पर ध्यान नहीं दिया गया। नतीजतन आज भी सभी रेहड़ियां यहां स्थानांतरित नहीं हो सकीं और वेंडिंग जोन मूलभूत सुविधाओं के अभाव से जूझ रहा है।
सबसे बड़ी समस्या सीवरेज जाम की है। पिछले एक वर्ष से अधिक समय से यहां गंदा पानी जमा होने के कारण दुकानदारों और वेंडरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जलभराव और गंदगी के कारण न केवल कारोबार प्रभावित हो रहा है, बल्कि लोगों का यहां आना भी कम हो गया है।
वेंडिंग जोन में दुकान चलाने वाले अनिल सबरवाल ने बताया कि उन्होंने कई बार नगर निगम अधिकारियों को सीवरेज समस्या के बारे में शिकायत दी, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया। उनका कहना है कि गंदे पानी और दुर्गंध के कारण ग्राहक दुकानों तक आने से कतराते हैं। ऐसे माहौल में लोगों का बैठकर खाना खाना संभव नहीं है।
अनिल सबरवाल ने बताया कि कुछ समय पहले मेयर और नगर निगम कमिश्नर ने भी वेंडिंग जोन का दौरा किया था। उस दौरान दुकानदारों को क्यूआर कोड उपलब्ध कराए गए थे और भरोसा दिलाया गया था कि निगम की ओर से वसूली जाने वाली राशि सीधे खातों में जमा करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि उस समय विकास और सुविधाओं को लेकर बड़े-बड़े दावे किए गए थे, लेकिन आज वेंडिंग जोन की स्थिति उन दावों की पोल खोल रही है।
दुकानदारों का आरोप है कि नगर निगम की लापरवाही के कारण यह वेंडिंग जोन अब सुविधाजनक व्यापारिक केंद्र के बजाय समस्याओं का अड्डा बन गया है। उन्होंने निगम प्रशासन से जल्द सीवरेज व्यवस्था दुरुस्त कर क्षेत्र की सफाई कराने और वेंडिंग जोन को मूल उद्देश्य के अनुरूप विकसित करने की मांग की है।