1 अप्रैल से सरकारी गेहूं खरीद शुरू होने से ठीक पहले पंजाब के कई इलाकों में मौसम के अचानक बदले मिज़ाज ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। दोपहर बाद आसमान पर काली घटाएं छा गईं और हल्की बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई, जिससे खेतों में खड़ी पकी फसल को नुकसान पहुंचा।
गांव डाला, धूड़कोट कलां और बुट्टर कलां जैसे क्षेत्रों में तेज हवाओं के कारण पकी हुई गेहूं की फसल खेतों में बिछ गई। इससे न केवल फसल की गुणवत्ता प्रभावित होने का खतरा है, बल्कि झाड़ (उपज) कम होने की भी आशंका है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, इस बार मार्च की शुरुआत में ही ज्यादा गर्मी पड़ने से किसान पहले ही गेहूं के दाने को लेकर चिंतित थे। अब बारिश और ओलावृष्टि ने समस्या को और बढ़ा दिया है। किसानों का कहना है कि अगर इसी तरह मौसम खराब रहा तो गेहूं का दाना बदरंग हो सकता है, जिससे मंडियों में उचित भाव मिलने में दिक्कत आ सकती है।
मंडी से जुड़े आढ़तियों का भी मानना है कि भले ही कटाई का काम 10 अप्रैल के बाद तेज होगा, लेकिन हर साल प्राकृतिक आपदाएं किसानों के लिए नुकसान का कारण बनती हैं। इस बार भी मौसम की मार से किसानों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है।