पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB) के मार्च 2026 में घोषित 10वीं कक्षा के नतीजों ने एक बार फिर Bhagwant Mann सरकार की ‘शिक्षा क्रांति’ के प्रभाव को उजागर किया है। शिक्षा क्षेत्र में किए गए व्यापक सुधारों के चलते पंजाब अब देश के अग्रणी राज्यों में शुमार होता नजर आ रहा है।
घोषित नतीजों के अनुसार कुल 2,69,505 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी, जिनमें से 2,54,744 विद्यार्थी सफल रहे। इस तरह कुल पास प्रतिशत 94.52 दर्ज किया गया। लड़कियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए लड़कों को पीछे छोड़ दिया। लड़कियों का पास प्रतिशत 95.96 फीसदी रहा, जबकि लड़कों का पास प्रतिशत 93.23 फीसदी दर्ज किया गया।
जिला स्तर पर अमृतसर ने सबसे अधिक 98.41 प्रतिशत पास प्रतिशत हासिल किया, जबकि लुधियाना जिले के विद्यार्थियों ने सबसे अधिक मेरिट पोजीशनें प्राप्त कर राज्य में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करवाई।
मेरिट सूची में सरकारी स्कूलों का बढ़ता दबदबा
इस वर्ष कुल 272 विद्यार्थियों ने मेरिट सूची में स्थान हासिल किया, जिनमें 220 लड़कियां और 52 लड़के शामिल हैं। खास बात यह रही कि इनमें से 88 विद्यार्थी सरकारी schools से हैं। यह दर्शाता है कि पंजाब सरकार द्वारा सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम, आधुनिक सुविधाएं, शिक्षकों की विशेष ट्रेनिंग और बेहतर शिक्षा ढांचे पर किया गया निवेश अब जमीन पर सकारात्मक परिणाम दे रहा है।
1688 सरकारी स्कूलों का परिणाम रहा 100 प्रतिशत
शिक्षा क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि के रूप में पंजाब के 3,718 स्कूलों ने 100 प्रतिशत परिणाम दर्ज किया। इनमें 1,688 सरकारी स्कूल शामिल हैं। इसे भगवंत मान सरकार की शिक्षा-केंद्रित नीतियों और सरकारी स्कूलों को मजबूत बनाने के प्रयासों की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
सरकार का दावा है कि पिछले कुछ वर्षों में शिक्षा प्रणाली को आधुनिक बनाने, विद्यार्थियों को प्रतिस्पर्धी माहौल देने और शिक्षकों को नई तकनीकों के अनुरूप प्रशिक्षित करने पर विशेष ध्यान दिया गया है। यही कारण है कि अब सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी भी राज्य की मेरिट सूची में प्रमुखता से स्थान बना रहे हैं।
पंजाब सरकार लगातार इस दिशा में काम कर रही है कि गांवों और आम परिवारों के बच्चों को भी विश्वस्तरीय शिक्षा और बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जा सकें, ताकि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें।