पंजाब में बिजली संकट लगातार गंभीर होता जा रहा है। राज्य की बिजली उत्पादन क्षमता 6,580 मेगावाट से घटकर करीब 5,680 मेगावाट रह गई है। वहीं गर्मी और बढ़ती बिजली मांग के कारण आपूर्ति पर दबाव बढ़ गया है। कोयले की कमी को भी उत्पादन प्रभावित होने की प्रमुख वजह बताया जा रहा है।औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए लगाए गए पांच घंटे के निर्धारित बिजली कट वापस लिए जा चुके हैं, लेकिन कई इलाकों में घरेलू और ग्रामीण उपभोक्ताओं को अभी भी अनियमित बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि पंजाब को लंबे समय के समाधान के लिए अपनी बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ाने और बाहरी बिजली पर निर्भरता कम करने की जरूरत है।
Politics