जालंधर, 10 मार्च : सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की क्षमता वृद्धि के उद्देश्य से शुरू किए गए ‘पोषण भी और पढ़ाई भी’ अभियान के तहत जिला जालंधर में 620 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
जिला प्रोग्राम अधिकारी मनजिंदर सिंह ने इस संबंध में अधिक जानकारी देते हुए बताया कि इस अभियान के अंतर्गत 100-100 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के बैच को स्थानीय गांधी वनिता आश्रम स्थित ट्रेनिंग सेंटर में प्रशिक्षण दिया गया है। प्रशिक्षण की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि 3 से 6 साल के बच्चों के समग्र विकास के लिए मुख्य रूप से पोषण और पढ़ाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्र बच्चों की स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा की नींव हैं, इसलिए कार्यकर्ताओं को वैज्ञानिक और बाल-केंद्रित तरीकों से प्रशिक्षण देना अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान प्रथम टीम सोनाली (जिला कोऑर्डिनेटर) एवं मुनीशा बधण (ब्लॉक कोऑर्डिनेटर) द्वारा आंगनवाड़ी केंद्रों की कार्यप्रणाली, बच्चों की पोषण स्थिति की निगरानी, प्रारंभिक बाल शिक्षा, खेल का अर्थ, खेल आधारित सीखने की विधियां और बाल-केंद्रित गतिविधियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
उन्होंने आगे बताया कि प्रशिक्षण प्रोग्राम की निगरानी संबंधित जिला सुपरडेंट सुनीता कुमारी, ब्लॉक की सी.डी.पी.ओ. राजविंदर कौर, सरिता और नताशा सागर द्वारा की गई, जिन्होंने प्रशिक्षण की देखरेख करते हुए आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को इस ज्ञान को मैदानी स्तर पर लागू करने के लिए प्रेरित किया। प्रशिक्षण के दौरान संदीप कुमार लीगल कम प्रोबेशन अधिकारी द्वारा महिलाओं और बच्चों के कानूनों संबंधी भी जानकारी दी गई।
जिला प्रोग्राम अधिकारी ने कहा कि इस प्रकार की प्रशिक्षणों से आंगनवाड़ी केंद्रों की कार्यक्षमता और बेहतर होगी तथा बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा को और मजबूत किया जा सकेगा, जिससे पोषण और पढ़ाई अभियान के लक्ष्यों को सफलतापूर्वक हासिल किया जा सकेगा।
प्रशिक्षण के दौरान प्रथम टीम सोनाली (जिला कोऑर्डिनेटर), मुनीशा बधण (ब्लॉक कोऑर्डिनेटर), पोषण अभियान टीम निधि (जिला कोऑर्डिनेटर) एवं रोहित कुमार (ब्लॉक कोऑर्डिनेटर), श्रीमती रमणजीत कौर, आशा देवी, बबीता आदि (सुपरवाइजर) शामिल थे।