बिजनेस डेस्क | मार्केट अपडेट
ईरान से जुड़े तनाव के चलते वैश्विक तेल बाजार में भारी उथल-पुथल देखी जा रही है। खासकर Strait of Hormuz से जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने से कच्चे तेल की सप्लाई पर बड़ा असर पड़ा है। दुनिया का लगभग 20% कच्चा तेल इसी मार्ग से गुजरता है, इसलिए किसी भी बाधा का सीधा असर कीमतों पर पड़ता है।
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
पिछले महीने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल करीब 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था, जो चार साल का उच्चतम स्तर रहा। फिलहाल कीमतों में थोड़ी नरमी आई है:
- Brent Crude: करीब 102.4 डॉलर प्रति बैरल
- WTI Crude: लगभग 93.56 डॉलर प्रति बैरल
भारत में अभी कीमतें स्थिर
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेजी के बावजूद भारत में फिलहाल पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है:
- दिल्ली में पेट्रोल: 94.77 रुपये/लीटर
- डीजल: 87.67 रुपये/लीटर
चुनाव के बाद बढ़ सकती हैं कीमतें
Kotak Institutional Equities के अनुसार, विधानसभा चुनावों के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 25 से 28 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ोतरी हो सकती है।
विश्लेषकों का मानना है कि चुनावी माहौल के चलते फिलहाल कीमतों को स्थिर रखा गया है, लेकिन बाद में वैश्विक कीमतों के अनुसार संशोधन संभव है।
वैश्विक कारणों का असर
तेल कीमतों में उछाल के पीछे प्रमुख कारण:
- ईरान से जुड़ा भू-राजनीतिक तनाव
- होर्मुज जलडमरूमध्य में सप्लाई बाधित होना
- वैश्विक बाजार में अनिश्चितता