कोलकाता | विशेष रिपोर्ट
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के तहत गुरुवार सुबह 7 बजे से मतदान शुरू हो गया, जो शाम 6 बजे तक चलेगा। इस चरण में West Bengal के 16 जिलों की 152 सीटों पर वोट डाले जा रहे हैं। मतदान के लिए कुल 44,378 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जहां सुबह से ही मतदाताओं की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं।
शुभेंदु अधिकारी के बयान से बढ़ी राजनीतिक गर्मी
मतदान के बीच Suvendu Adhikari ने वोट डालने के बाद एक विवादित बयान दिया, जिससे सियासी माहौल और गरमा गया है। उन्होंने इस चुनाव को केवल सत्ता की लड़ाई नहीं, बल्कि “सनातन धर्म के अस्तित्व की लड़ाई” बताया।
मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि इस बार बंगाल में “सनातन की जीत” होगी और उसकी रक्षा की जाएगी। साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया कि राज्य की जनता बदलाव के मूड में है।
बदलाव नहीं हुआ तो गंभीर परिणाम: अधिकारी
शुभेंदु अधिकारी ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इस बार राजनीतिक परिवर्तन नहीं हुआ, तो राज्य में सनातन संस्कृति को नुकसान पहुंच सकता है। उनके इस बयान ने राजनीतिक दलों के बीच बहस को तेज कर दिया है।
चुनाव आयोग की सराहना, सुरक्षा पर सवाल
अधिकारी ने मतदान प्रक्रिया के लिए Election Commission of India (ECI) की व्यवस्थाओं की सराहना की, लेकिन सुरक्षा इंतजामों पर सवाल उठाए।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर “गुंडागर्दी” हो रही है और उपद्रवी तत्व मतदान को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं।
मतदान शांतिपूर्ण कराने की चुनौती
पहले चरण के मतदान के दौरान प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करना है। सुरक्षा बलों की तैनाती के बावजूद, संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष नजर रखी जा रही है।