थाना-3 की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि इलाके में खुलेआम चल रहे कथित अवैध कारोबार के बावजूद कार्रवाई नजर नहीं आ रही, जिसके चलते थाना-3 की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि यदि पुलिस प्रशासन सख्ती से कार्रवाई करे तो इस तरह के नेटवर्क पर रोक लगाई जा सकती है।
सूत्रों के अनुसार दड़ा-सट्टा कारोबार चलाने वाले लोगों के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं और युवाओं पर इसका गलत प्रभाव पड़ रहा है। लोगों ने पुलिस कमिश्नरेट और उच्च अधिकारियों से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
हालांकि पुलिस प्रशासन की ओर से अभी तक किसी प्रकार की आधिकारिक पुष्टि या बयान सामने नहीं आया है।
अगर मोनू का मोबाइल फोन पुलिस द्वारा जांच के दायरे में लिया जाता है, तो उससे कई बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार फोन की कॉल डिटेल, चैट, व्हाट्सऐप संपर्क, ट्रांजैक्शन और लोकेशन हिस्ट्री के जरिए कई संदिग्ध लोगों और कथित गैंगस्टरों के नंबर सामने आ सकते हैं।
जांच एजेंसियां अगर तकनीकी तरीके से मोबाइल डेटा खंगालें तो अवैध कारोबार, सट्टा नेटवर्क और कथित आपराधिक संपर्कों से जुड़े अहम सुराग भी मिल सकते हैं। पुलिस सूत्रों का मानना है कि फोन रिकॉर्ड कई ऐसे नामों का खुलासा कर सकते हैं, जो अब तक पर्दे के पीछे रहकर नेटवर्क चला रहे थे।
हालांकि इन सभी तथ्यों की पुष्टि पुलिस जांच और आधिकारिक रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी।