भाजपा का “एंटी पंजाब एजेंडा” सफल नहीं होने देंगे: दीपक बाली
धर्म के नाम पर राजनीति न करने की अपील, धार्मिक समागम को लेकर बयानबाज़ी तेज
जालंधर, 14 मई 2026:
मोहिंदर भगत ने शहर में एक धार्मिक समागम को लेकर हो रही राजनीतिक बयानबाज़ी की निंदा करते हुए कहा कि किसी को भी धर्म के नाम पर राजनीति नहीं करनी चाहिए।
जालंधर के सर्किट हाउस में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पंजाब पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामलों के विभाग के सलाहकार दीपक बाली, मेयर विनीत धीर और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
मोहिंदर भगत ने कहा कि पंजाब महान गुरुओं, पीरों और संतों की धरती है और यहां सांझी संस्कृति की परंपरा रही है। उन्होंने कहा कि धर्म के नाम पर समाज में फूट डालने की कोशिश करने वालों का धर्म से कोई लेना-देना नहीं है।
“किसी धर्म को किसी पार्टी से जोड़ना छोटी सोच”
दीपक बाली ने कहा कि किसी भी धर्म को किसी एक राजनीतिक पार्टी से जोड़ना संकीर्ण मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि सभी धर्मों का सम्मान करते हुए धार्मिक समागम श्रद्धा और भाईचारे के साथ मनाए जाने चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी सनातन धर्म के नाम पर राजनीति कर रही है और पंजाब को बांटने के लिए “एंटी पंजाब एजेंडा” चला रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ऐसी किसी भी कोशिश को सफल नहीं होने देगी।
दीपक बाली ने स्पष्ट किया कि पुलिस धार्मिक कार्यक्रम को रोकने नहीं गई थी, बल्कि आयोजन से जुड़े दस्तावेजों में कमी को पूरा करवाने के लिए पहुंची थी।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार धर्म के नाम पर पंजाब को बांटने की किसी भी कोशिश को नाकाम करेगी।
धार्मिक आयोजनों को लेकर सरकार के दावे
दीपक बाली ने कहा कि पहली बार परशुराम जयंती भगवंत मान सरकार के कार्यकाल में सरकारी स्तर पर मनाई गई। उन्होंने बताया कि पठानकोट में पहली बार नव संवत समारोह भी राजकीय स्तर पर आयोजित किया गया।
इसके अलावा उन्होंने कहा कि श्री राम तीर्थ में करीब 25 करोड़ रुपये के विकास कार्य शुरू किए जा रहे हैं।
दीपक बाली ने लोगों से साईं दास स्कूल ग्राउंड में आयोजित धार्मिक समागम में शामिल होने की अपील करते हुए कहा कि यह सनातन संस्कृति का समागम है और इसमें सभी को बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए।
सनातन सेवा समिति ने भी जताई नाराज़गी
विजय शर्मा ने सनातन सेवा समिति द्वारा किए जा रहे धार्मिक और सामाजिक कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने धर्म के नाम पर शहर में माहौल खराब करने और फूट डालने की कोशिशों की निंदा भी की।
इस अवसर पर गगनदीप सिंह आहलूवालिया, नितिन कोहली, दिनेश ढल्ल, काउंसलर जतिन गुलाटी, पाला जलालपुरिया तथा कष्ट निवारण बाला जी मंदिर की प्रबंधक समिति के पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।