जज स्वर्ण कांता शर्मा के आबकारी केस से हटने पर आम आदमी पार्टी ने बताया “सत्य की जीत”
केजरीवाल बोले- गांधी जी के सत्याग्रह की फिर हुई जीत
नई दिल्ली, 14 मई 2026:
तथाकथित आबकारी नीति मामले में जज स्वर्ण कांता शर्मा द्वारा खुद को अलग करने के फैसले को अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी ने बड़ी जीत बताया है।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि “सत्य की जीत हुई, गांधी जी के सत्याग्रह की एक बार फिर जीत हुई।” पार्टी का कहना है कि उन्होंने और अन्य नेताओं ने पहले ही हितों के टकराव की आशंका जताते हुए जज स्वर्ण कांता शर्मा से खुद को मामले से अलग करने का अनुरोध किया था।
आम आदमी पार्टी के अनुसार, अरविंद केजरीवाल ने इस संबंध में एक पत्र लिखकर 10 प्रमुख कारण बताए थे। पार्टी का दावा है कि इनमें न्यायपालिका की निष्पक्षता को लेकर सवाल और कुछ संभावित हितों के टकराव से जुड़े मुद्दे शामिल थे। हालांकि, जज स्वर्ण कांता शर्मा ने प्रारंभ में मामले से अलग होने से इनकार कर दिया था।
इसके बाद अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और अन्य नेताओं ने उनकी अदालत में पेश न होने का फैसला लिया था। पार्टी नेताओं ने राजघाट जाकर महात्मा गांधी को नमन करते हुए सत्याग्रह का संकल्प दोहराया।
“इलाज में देरी नहीं, न्याय में भी नहीं होनी चाहिए देरी”
आम आदमी पार्टी ने दावा किया कि अरविंद केजरीवाल ने पत्र में यह भी उल्लेख किया था कि जज स्वर्ण कांता शर्मा के बच्चों का संबंध केंद्र सरकार के पैनल से है और मामले में पेश सॉलिसिटर जनरल द्वारा केस आवंटित किए जाते हैं। इसी आधार पर निष्पक्ष सुनवाई को लेकर आशंका जताई गई थी।
पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि जज स्वर्ण कांता शर्मा विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल हुईं, जिनका संबंध राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े अधिवक्ता संगठनों से रहा है। इन कारणों का हवाला देते हुए पार्टी नेताओं ने न्याय मिलने पर संदेह जताया था।
सौरभ भारद्वाज ने उठाए सवाल
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि अगर न्यायपालिका की साख बचाने के लिए कार्रवाई करनी थी, तो दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू होनी चाहिए थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि रेखा गुप्ता ने सार्वजनिक रूप से एक जज के फैसले को “सेटिंग” का परिणाम बताया था। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि उन्होंने इस संबंध में हाई कोर्ट रजिस्ट्रार को भी शिकायत दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने कहा कि “न्याय का केवल एक ही रास्ता होता है—सत्य और न्याय का रास्ता। उसमें आसान या मुश्किल रास्ते नहीं होते।”
आतिशी बोलीं- यह केजरीवाल की बड़ी जीत
आतिशी ने कहा कि अंततः जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा द्वारा आबकारी नीति मामले से खुद को अलग करना अरविंद केजरीवाल की बड़ी जीत है।
उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी लगातार निष्पक्ष सुनवाई की मांग कर रही थी और अब अदालत के इस फैसले ने उनकी चिंताओं को सही साबित किया है।