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चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर ‘आप’ ने उठाए सवाल, भाजपा पर लोकतांत्रिक संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप

15 May 2026 | 7 Views

चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर ‘आप’ ने उठाए सवाल, भाजपा पर लोकतांत्रिक संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप

चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर ‘आप’ ने उठाए सवाल, भाजपा पर लोकतांत्रिक संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप

 

अमन अरोड़ा बोले- चुनाव निष्पक्ष और पारदर्शी होने चाहिए

 

चंडीगढ़, 14 मई:

आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और पंजाब सरकार के मंत्रियों अमन अरोड़ा तथा हरपाल सिंह चीमा ने भारतीय चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाते हुए भाजपा पर लोकतांत्रिक संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप लगाया है।

 

मीडिया से बातचीत के दौरान अमन अरोड़ा ने कहा कि देश की संवैधानिक संस्थाएं भाजपा शासन में अपनी निष्पक्षता खोती जा रही हैं और चुनावी प्रक्रियाओं को प्रभावित करने के लिए उनका इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली विधानसभा चुनावों में हजारों वोट भाजपा के पक्ष में डाले गए और आम आदमी पार्टी के वास्तविक वोट काटे गए।

 

बंगाल का उदाहरण देकर लगाए गंभीर आरोप

 

अमन अरोड़ा ने पश्चिम बंगाल का उदाहरण देते हुए कहा कि लाखों मतदाताओं के नाम वोटर सूची से हटाने और बड़ी संख्या में लोगों को मृत घोषित करने जैसे मामलों ने चुनावी पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि यदि चुनावी प्रक्रियाएं पक्षपातपूर्ण मानसिकता से संचालित होंगी तो लोकतंत्र का वास्तविक अर्थ समाप्त हो जाएगा।

 

उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार जनता के हित में काम कर रही है और मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में लोगों का भरोसा जीत चुकी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें एसआईआर प्रक्रिया से आपत्ति नहीं है, लेकिन चुनाव पूरी तरह साफ, ईमानदार और पारदर्शी होने चाहिए।

 

अमन अरोड़ा ने कहा कि “लोगों के वोट किसी भी प्रक्रिया या अथॉरिटी के नाम पर नहीं लूटे जाने चाहिए। अगर चुनाव आयोग भेदभावपूर्ण तरीके से काम करेगा तो लोकतंत्र सुरक्षित नहीं रह सकता।”

 

भाजपा पर वोटर लिस्ट में हेरफेर का आरोप

 

हरपाल सिंह चीमा ने आरोप लगाया कि भाजपा उन राज्यों में चुनाव आयोग का राजनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है, जहां वह लोकतांत्रिक तरीके से जीत हासिल नहीं कर पा रही। उन्होंने कहा कि वोटर लिस्ट सुधार के नाम पर एसआईआर जैसी प्रक्रियाओं का उपयोग बाद में बड़े पैमाने पर वोट काटने के लिए किया जाता है।

 

चीमा ने कहा कि भाजपा वोटर सूची में हेरफेर करके पंजाब में सत्ता हासिल करना चाहती है और साथ ही राज्य के अधिकारों एवं संस्थाओं को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा का एजेंडा पंजाब के नदी जल अधिकार, भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी), पंजाब यूनिवर्सिटी और चंडीगढ़ जैसे मुद्दों पर नियंत्रण बढ़ाना है।

 

“पंजाब भाजपा की राजनीति को नकार देगा”

 

हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पंजाब के लोग भाजपा की कथित “पंजाब विरोधी राजनीति” के खिलाफ एकजुट होंगे और राज्य को कमजोर करने की हर कोशिश का विरोध करेंगे। उन्होंने दावा किया कि तीन करोड़ पंजाबी भाजपा की नीतियों के खिलाफ मजबूती से खड़े होंगे और पार्टी को राजनीतिक रूप से जवाब देंगे।

Published on: 15 May 2026

Global Admin
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