बकाया रेगुलराइजेशन फीस नहीं भरने वाले कालोनाइजरों पर मेयर वनीत धीर सख्त, एफआईआर की सिफारिश
प्लॉटों और मकानों की रजिस्ट्रियों पर रोक लगाने के लिए सब-रजिस्ट्रारों को भी भेजा पत्र
जालंधर। नगर निगम की कमान संभालने के बाद से मेयर वनीत धीर लगातार निगम की आय बढ़ाने और बकाया राजस्व की वसूली पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। इसी कड़ी में उन्होंने अब उन कालोनाइजरों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है, जिन्होंने रेगुलराइजेशन फीस की बकाया राशि जमा नहीं करवाई है।
नगर निगम की ओर से पहले भी संबंधित कालोनाइजरों को सार्वजनिक नोटिस जारी कर बकाया राशि जमा करवाने के लिए कहा गया था, लेकिन इसके बावजूद कई कालोनाइजरों ने कोई रुचि नहीं दिखाई। अब मेयर वनीत धीर ने ऐसे कालोनाइजरों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करने का फैसला लिया है।
इस संबंध में पुलिस कमिश्नर जालंधर को पत्र भेजकर संबंधित कालोनाइजरों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और पैपरा एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज करने की सिफारिश की गई है। साथ ही सब-रजिस्ट्रार जालंधर-1 और जालंधर-2 को भी लिखित रूप से सूचित किया गया है कि संबंधित कालोनियों में स्थित प्लॉटों और मकानों की रजिस्ट्रियों पर रोक लगाई जाए।
नगर निगम द्वारा पुलिस कमिश्नर को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि नगर निगम सीमा के भीतर सरकार की वर्ष 2013 और 2018 की रेगुलराइजेशन नीतियों के तहत विभिन्न अवैध कालोनियों को नियमित करने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। इस दौरान कई कालोनाइजरों ने रेगुलराइजेशन फीस का कुछ हिस्सा तो जमा करवा दिया, लेकिन शेष बकाया राशि, आवश्यक दस्तावेज और ब्याज अब तक जमा नहीं करवाया।
निगम प्रशासन का कहना है कि संबंधित कालोनाइजरों को कई बार लिखित रूप से सूचित किया गया, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने बकाया राशि जमा नहीं करवाई। ऐसे में नगर निगम ने अब पुलिस कार्रवाई की सिफारिश करते हुए बकाया राशि की वसूली सुनिश्चित करने के लिए सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है।
मेयर वनीत धीर ने स्पष्ट किया है कि नगर निगम के खजाने का एक-एक रुपया वसूला जाएगा और नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। हाल के महीनों में भी निगम प्रशासन बकाया फीस जमा न करने वाले कालोनाइजरों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी देता रहा है।