चंडीगढ़ से अगवा कर मोरिंडा में जिंदा जलाने की घटना में दर्दनाक खुलासा, 7 सप्ताह की गर्भवती थीं मनजीत कौर
52 दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद PGIMER में तोड़ा दम, अपहरण-हत्या मामले में दो संदिग्ध फरार
चंडीगढ़। चंडीगढ़ से कथित तौर पर अगवा कर पंजाब के मोरिंडा में जिंदा जलाए जाने के मामले में एक बेहद दर्दनाक जानकारी सामने आई है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, 28 वर्षीय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर मनजीत कौर घटना के समय करीब 7 सप्ताह की गर्भवती थीं। गंभीर रूप से झुलसी मनजीत ने करीब 52 दिनों तक अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करने के बाद 26 अगस्त को PGIMER चंडीगढ़ में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
पुलिस में दर्ज FIR के अनुसार, घटना 3 जुलाई की है। आरोप है कि कुछ लोगों ने मनजीत कौर को चंडीगढ़ से जबरन कार में बैठाया और मोरिंडा ले गए। वहां कथित तौर पर उनके साथ मारपीट की गई और बाद में उन्हें शहतूत के पेड़ से बांधकर आग लगा दी गई।
घटना की जानकारी मिलने के बाद मनजीत का एक दोस्त मौके पर पहुंचा और कंबल की मदद से आग बुझाई। इसके बाद उन्हें गंभीर हालत में मोरिंडा के स्थानीय अस्पताल ले जाया गया। हालत नाजुक होने के कारण उन्हें मोहाली के एक निजी अस्पताल रेफर किया गया। बाद में 9 जुलाई को PGIMER चंडीगढ़ में भर्ती कराया गया।
करीब एक महीने वेंटिलेटर पर रहीं
पुलिस के अनुसार, मनजीत करीब एक महीने तक वेंटिलेटर और बर्न वार्ड में उपचाराधीन रहीं। 5 अगस्त को उन्हें कुछ समय के लिए होश आया था, लेकिन शरीर का बड़ा हिस्सा झुलसने और अंदरूनी अंगों में संक्रमण के चलते उनकी हालत लगातार बिगड़ती गई। आखिरकार 26 अगस्त को उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, मनजीत कौर तलाकशुदा थीं और उनका 7 वर्षीय बेटा है, जो अपने पिता के साथ रहता है।
दो मुख्य संदिग्धों पर केस, दोनों फरार
मनजीत की मां की शिकायत के आधार पर चंडीगढ़ पुलिस ने शुभी और पिंडा नामक दो मुख्य संदिग्धों के खिलाफ अपहरण, हत्या और आपराधिक साजिश सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, वारदात के बाद से दोनों आरोपी फरार हैं और उनकी तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है।
जांच के दौरान पुलिस चंडीगढ़ से मोरिंडा तक के रास्ते में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। इसके अलावा मनजीत के परिचितों से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि कथित अपहरण के पीछे क्या वजह थी और वारदात से पहले तथा बाद में क्या घटनाक्रम हुआ।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, परिवार फिलहाल अंतिम संस्कार और अन्य रस्मों में व्यस्त है। इसलिए परिजनों का विस्तृत बयान दर्ज किया जाना अभी बाकी है।