एम-सेवा पोर्टल की तकनीकी खामियों से जालंधर नगर निगम में नक्शे और एनओसी मंजूरी का काम ठप
जालंधर, लोकल बॉडीज विभाग द्वारा नक्शे और एनओसी पास करने की प्रक्रिया को डिजिटल बनाने के उद्देश्य से 1 सितंबर से पुराने ई-नक्शा पोर्टल की जगह नया एम-सेवा पोर्टल शुरू किया गया था, लेकिन लगभग एक माह बीत जाने के बावजूद यह पोर्टल पूरी तरह सुचारू रूप से कार्य नहीं कर पा रहा है। इसका सीधा असर जालंधर नगर निगम में नक्शे और एनओसी मंजूरी की प्रक्रिया पर पड़ रहा है, वहीं निगम के राजस्व को भी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है।
बिल्डिंग एंड इंजीनियर एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने हाल ही में नगर निगम कमिश्नर से मुलाकात कर इस समस्या को उनके ध्यान में लाया। एसोसिएशन के अनुसार नए सिस्टम के लागू होने के दौरान करीब 15 दिनों तक पुराने ई-नक्शा पोर्टल पर नई फाइलें अपलोड नहीं हो सकीं, जिससे बड़ी संख्या में आवेदन लंबित हो गए।
हालांकि अब एम-सेवा पोर्टल पर फाइलें अपलोड हो रही हैं और संबंधित बिल्डिंग इंस्पैक्टर तक पहुंच भी रही हैं, लेकिन बिल्डिंग ब्रांच के कई सरकारी अधिकारियों की लॉगिन आईडी अभी तक नहीं बनाई गई हैं। इसके कारण फाइलों को अगले स्तर पर भेजकर मंजूरी देने की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
पोर्टल में तकनीकी कमियों के चलते अनेक आर्किटेक्ट और बिल्डिंग इंजीनियरों की फाइलें नगर निगम में लंबित पड़ी हैं। रोजाना नए नक्शे और एनओसी के आवेदन जमा हो रहे हैं, लेकिन स्वीकृति प्रक्रिया बाधित होने से लोगों के निर्माण कार्य और नए प्रोजेक्ट शुरू होने में देरी हो रही है।
एसोसिएशन का कहना है कि नए पोर्टल में कई अन्य तकनीकी समस्याएं भी सामने आ रही हैं, जिससे आम नागरिकों, आर्किटेक्ट्स और बिल्डिंग इंजीनियरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार और लोकल बॉडीज विभाग से मांग की है कि पोर्टल की खामियों को जल्द दूर किया जाए, संबंधित अधिकारियों की आईडी तुरंत जारी की जाए और पूरे सिस्टम को सुचारू बनाया जाए, ताकि लोगों के कार्य समय पर हो सकें और नगर निगम के राजस्व को होने वाले नुकसान को रोका जा सके।