एथेनॉल और गलत आर्थिक नीतियों ने चीनी को महंगा किया, आम आदमी की रसोई पर सीधी चोट: रविश राज
जालंधर: कांग्रेस नेता और पंजाब ब्राह्मण सभा के पूर्व डायरेक्टर रविश राज शर्मा ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि पहले गन्ने को बड़े पैमाने पर एथेनॉल उत्पादन की ओर मोड़ा गया और अब देश को 10 लाख टन चीनी आयात करने की नौबत आ गई है। इसका सीधा असर आम जनता पर पड़ा है, क्योंकि पिछले तीन महीनों में चीनी की कीमतों में करीब 50 से 60 प्रतिशत तक बढ़ोतरी देखने को मिली है।
रविश राज शर्मा ने कहा कि उन्होंने कहा कि महंगी चीनी का असर केवल चाय या मिठाइयों तक सीमित नहीं है, बल्कि हर घर के रसोई बजट पर पड़ रहा है। त्योहारों के नज़दीक बढ़ती कीमतों ने आम परिवारों की चिंता और बढ़ा दी है। केंद्र सरकार को चाहिए कि चीनी की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं, गन्ना और एथेनॉल नीति की व्यापक समीक्षा की जाए।
उन्होंने कहा कि सरकार ने पहले चीनी के निर्यात पर रोक लगाई और अब आयात करना पड़ रहा है। यह नीति-निर्माण में गंभीर असंतुलन और आर्थिक कुप्रबंधन का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि सरकार एथेनॉल मिश्रण को बढ़ावा देने की बात करती रही, लेकिन जब घरेलू बाज़ार में चीनी की उपलब्धता और कीमतों पर दबाव बढ़ा तो समय रहते संतुलित कदम नहीं उठाए गए।