हाईटेक जुआ और सेंसर ताश से ठगी का मामला: आरोपियों को चेतावनी देकर छोड़े जाने पर उठे सवाल
जालंधर के थाना डिवीजन नंबर-3 के क्षेत्र में एक ढाबे के पीछे कथित रूप से चल रहे हाईटेक जुए और सेंसरयुक्त ताश के जरिए ठगी के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस की कार्रवाई और आरोपियों को चेतावनी देकर छोड़ने को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, मामले के सार्वजनिक होने के बाद थाना पुलिस ने संबंधित स्थान पर दबिश दी थी। हालांकि आरोप है कि मुख्य आरोपी ‘V’ और ‘R’ पुलिस टीम के पहुंचने से कुछ मिनट पहले ही वहां से निकल गए। इसके बाद पुलिस ने मौके पर वीडियोग्राफी करवाई और कार्रवाई का रिकॉर्ड तैयार किया।
सूत्रों का कहना है कि जब पुलिस कमिश्नरेट के वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले पर नजर रखनी शुरू की तो स्थानीय पुलिस ने आरोपियों को थाने में पेश होने के लिए दबाव बनाया। इसके बाद दोनों आरोपी अपने समर्थकों के साथ थाने पहुंचे, जहां उनसे पूछताछ की गई। आरोप है कि उनके खिलाफ कोई सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं की गई और उन्हें चेतावनी देकर छोड़ दिया गया।
मामले का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह बताया जा रहा है कि कथित ठगी में इस्तेमाल होने वाली सेंसरयुक्त ताश और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की बरामदगी नहीं हो सकी। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि ऐसे उपकरणों को जब्त नहीं किया गया तो भविष्य में इस तरह की गतिविधियां दोबारा शुरू होने की आशंका बनी रहेगी।
क्षेत्र के नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने पुलिस कमिश्नर से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि पूरे प्रकरण की जांच किसी वरिष्ठ अधिकारी से करवाई जानी चाहिए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कथित जुआ और ठगी के नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा कार्रवाई में किसी प्रकार का प्रभाव या दबाव तो नहीं था।
लोगों का मानना है कि केवल चेतावनी देकर मामले को समाप्त करना पर्याप्त नहीं है। उन्होंने मांग की है कि यदि आरोपों में सच्चाई पाई जाती है तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाए और कथित हाईटेक उपकरणों को बरामद कर पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाए।