चंडीगढ़, 24 मई: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने राज्य के खिलाड़ियों को सम्मानित करते हुए 87 खिलाड़ियों को महाराजा रणजीत सिंह पुरस्कार और विभिन्न खेलों में पदक जीतने वाले 1070 खिलाड़ियों को सम्मानित किया। इस अवसर पर पंजाब सरकार ने खिलाड़ियों में कुल 32.05 करोड़ रुपये की इनामी राशि वितरित की।
सेक्टर-35 स्थित म्यूनिसिपल भवन में आयोजित समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश और राज्य का नाम रोशन किया है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार खिलाड़ियों को केवल जीत के बाद सम्मानित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि अब उन्हें प्रतियोगिताओं की तैयारी के लिए पहले ही आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पहली बार 220 खिलाड़ियों को खेल प्रतियोगिताओं की तैयारी के लिए 8.61 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दी गई है। वहीं, ओलंपिक और एशियाई खेलों के पदक विजेताओं को एक-एक करोड़ रुपये देकर सम्मानित किया गया तथा नौ खिलाड़ियों को सरकारी नौकरियां भी प्रदान की गई हैं।
उन्होंने घोषणा की कि वर्ष 2026-27 के लिए पंजाब सरकार ने खेलों के लिए 1763 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड बजट रखा है। साथ ही गांवों में खेल प्रतिभा को बढ़ावा देने के लिए 1300 करोड़ रुपये की लागत से 3148 ग्रामीण खेल मैदान विकसित किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पंजाब पहली बार एशियन चैंपियन ट्रॉफी की मेजबानी करेगा और पंजाब दिवस के अवसर पर भारत-पाकिस्तान के बीच मुकाबला करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि पंजाब ने देश को कई बड़े खिलाड़ी दिए, लेकिन पहले राज्य को बड़े खेल आयोजनों की मेजबानी का अवसर नहीं मिला।
समारोह के दौरान भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर, हरलीन देओल, अमनजोत कौर सहित कई खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया। वहीं निशानेबाजी, हॉकी, पैरा स्पोर्ट्स, बॉक्सिंग, कुश्ती और अन्य खेलों के खिलाड़ियों को भी नकद पुरस्कार दिए गए।
मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों के लिए विशेष "पंजाब स्पोर्ट्स पोर्टल" की शुरुआत भी की, जिसके माध्यम से खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, अनुदान, खेल उपकरण और अन्य सुविधाओं से जुड़ी जानकारी मिलेगी। साथ ही चंडीगढ़ के सेक्टर-42 में 43.66 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले युवा भवन का भी शिलान्यास किया गया।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार खेलों के क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, खिलाड़ियों को संसाधन उपलब्ध कराने और राज्य को देश की अग्रणी खेल शक्ति बनाने के लिए लगातार काम कर रही है।