फेसबुक पर दोस्ती कर युवती को शादी का झांसा देने का आरोप, हाईकोर्ट के आदेश पर मामला दर्ज
विदेश में रह रहे युवक पर दुष्कर्म और धोखाधड़ी के आरोप, पुलिस ने शुरू की जांच
लुधियाना की एक युवती द्वारा विदेश में रह रहे युवक पर शादी का झांसा देकर दुष्कर्म और धोखाधड़ी करने के आरोप लगाए गए हैं। मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद थाना सलेम टाबरी पुलिस ने आरोपी के खिलाफ विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़िता द्वारा पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, वर्ष 2019 में उसकी पहचान फेसबुक के माध्यम से आरोपी युवक के साथ हुई थी। दोनों के बीच बातचीत बढ़ने के बाद मित्रता प्रेम संबंध में बदल गई। आरोप है कि युवक ने उससे शादी करने का वादा किया और भविष्य को लेकर कई आश्वासन दिए।
शिकायत में कहा गया है कि वर्ष 2021 में आरोपी विदेश से भारत आया। इस दौरान वह युवती को अपने साथ जालंधर बाईपास क्षेत्र स्थित एक किराए के कमरे में ले गया। पीड़िता का आरोप है कि वहां युवक ने शादी का भरोसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। बाद में आरोपी वापस विदेश लौट गया।
पीड़िता ने आगे आरोप लगाया कि कुछ समय बाद युवक ने उसे विदेश बुलाया, जहां वह उसके साथ संबंध बनाता रहा और शादी का भरोसा देता रहा। शिकायत के अनुसार, आरोपी लगातार विवाह का आश्वासन देता रहा, जिससे पीड़िता को विश्वास था कि दोनों शीघ्र विवाह करेंगे।
मामले में नया मोड़ तब आया जब आरोपी 14 नवंबर 2023 को दोबारा भारत लौटा। पीड़िता और उसके परिवार ने जब विवाह को लेकर स्पष्ट निर्णय लेने के लिए कहा, तो आरोपी ने कथित तौर पर शादी करने से इंकार कर दिया। इसके बाद पीड़िता ने स्वयं को ठगा हुआ महसूस करते हुए पुलिस से संपर्क किया।
पीड़िता का आरोप है कि प्रारंभिक स्तर पर उसकी शिकायत पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने न्याय के लिए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने शिकायत पर विचार करते हुए पुलिस को आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
अदालती आदेशों के बाद थाना सलेम टाबरी पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म, धोखाधड़ी तथा अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस का यह भी कहना है कि जांच के दौरान सभी पक्षों के बयान और दस्तावेजी साक्ष्यों की जांच की जाएगी, जिसके बाद कानून के अनुसार अगली कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।