जालंधर की 79 मंडियों में 5.27 लाख मीट्रिक टन गेहूं आने की संभावना
खरीदी गई गेहूं की तुरंत लिफ्टिंग और किसानों को समय पर भुगतान पर भी दिया जोर
जालंधर, 18 अप्रैल
पंजाब के बागवानी और रक्षा सेवाएं भलाई मंत्री मोहिंदर भगत द्वारा आज शनिवार को जालंधर की नई दाना मंडी में गेहूं की खरीद शुरू करवाई गई। वहां उन्होंने मंडियों में आने वाले किसानों की सुविधा के लिए अधिकारियों को पूरी खरीद प्रक्रिया को उचित ढंग से निपटाने के निर्देश दिए।
आम आदमी पार्टी के सीनियर नेता नितिन कोहली, दिनेश ढल्ल और राजविंदर कौर थियाड़ा के साथ कैबिनेट मंत्री ने कहा कि जिले की 79 मंडियों में इस साल 5.27 लाख मीट्रिक टन गेहूं आने की संभावना है और किसानों की फसल का एक-एक दाना खरीदने के लिए पहले ही पुख्ता प्रबंध किए गए हैं।
उन्होंने दोहराया कि पंजाब सरकार मंडियों में फसल बेचने के लिए आने वाले किसानों की सुविधा पर ध्यान केंद्रित करते हुए जालंधर में निर्विघ्न और सुचारू खरीद प्रक्रिया सुनिश्चित की गई है। उन्होंने बताया कि बीते दिन तक जालंधर में 28,444 मीट्रिक टन गेहूं की आमद हुई है, जिसमें से 24,721 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद विभिन्न एजेंसियों द्वारा की जा चुकी है।
उन्होंने यह भी बताया कि किसानों को 28 करोड़ रुपये की अदायगी भी की जा चुकी है। पंजाब सरकार द्वारा 24 घंटे के अंदर-अंदर किसानों की अदायगी सुनिश्चित की जा रही है।
उन्होंने आगे बताया कि मंडियों में पीने योग्य पानी की उपलब्धता, साफ-सफाई, छांव, तिरपाल, बारदाना आदि सुविधाओं का प्रबंध अधिकारियों द्वारा पहले ही कर लिया गया है। गेहूं की लिफ्टिंग और किसानों को अदायगी पर जोर देते हुए उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकार के निर्देशों के अनुसार समय पर गेहूं की अदायगी में कोई कमी न छोड़ी जाए।
उन्होंने कहा कि मंडियों में बारदाने की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि गेहूं की खरीद प्रक्रिया को सुचारू ढंग से निपटाया जाएगा और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस मौके पर कैबिनेट मंत्री ने मौजूद किसानों से बातचीत भी की और मंडियों में किए गए प्रबंधों के बारे में मूल्यवान सुझाव भी लिए।
इस मौके पर किसान बलकार सिंह और चरणजीत सिंह ने पंजाब सरकार द्वारा मंडियों में गेहूं की खरीद और अदायगी के लिए किए गए सुचारू प्रबंधों की प्रशंसा की। उन्होंने बताया कि वह मंडी में बेचने के लिए गेहूं लाए थे और मंडी पहुंचने के तुरंत बाद उनकी गेहूं की खरीद हो गई तथा 24 घंटे के अंदर बैंक खातों में भुगतान भी मिल गया।