कपूरथला नगर निगम के मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के विवादित चुनाव मामले में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने इस मामले में शामिल सभी 24 पार्षदों (प्रतिवादी संख्या 6 से 29) को नोटिस जारी कर कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया था। हालांकि, वकीलों की देशव्यापी हड़ताल के कारण 30 जुलाई को होने वाली महत्वपूर्ण सुनवाई टलने की संभावना है।
पंजाब और हरियाणा में वकील एलडीसी/एलएडीसी (LADC) सिस्टम के खिलाफ लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी क्रम में बार एसोसिएशन ने 29 और 30 जुलाई को कार्य बहिष्कार ('नो वर्क') का आह्वान किया है।
जानकारी के अनुसार, 30 जुलाई को भी अदालतों में 'नो वर्क' रहने की पूरी संभावना है। वकीलों की इस हड़ताल के कारण हाईकोर्ट की सुनवाई टल सकती है, जिससे कपूरथला मेयर चुनाव का यह कानूनी विवाद और लंबा खींच सकता है।
इसी बीच, कपूरथला के राजनीतिक गलियारों में एक पार्षद के इस्तीफे की चर्चा तेज हो गई है। ऐसी सुगबुगाहट है कि हाईकोर्ट का अंतिम आदेश या कोई बड़ा फैसला आने से पहले ही कोई पार्षद अपने पद से इस्तीफा दे सकता है। हालांकि, इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इस चर्चा ने स्थानीय राजनीति और निकाय समीकरणों में नई हलचल पैदा कर दी है।
मामले की पृष्ठभूमि में, हाईकोर्ट ने अपने पिछले आदेश में नवनिर्वाचित मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर की शक्तियों पर रोक लगा दी थी। अदालत ने कपूरथला के डिप्टी कमिश्नर को नगर निगम का कार्यभार संभालने का निर्देश दिया था।