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जालंधर के पूर्व SHO राणा यादविंदर के खिलाफ विभागीय जांच की मांग, सोशल मीडिया रील्स और काली फिल्म वाली गाड़ी पर उठे सवाल

27 Aug 2026 | 16 Views

जालंधर के पूर्व SHO राणा यादविंदर के खिलाफ विभागीय जांच की मांग, सोशल मीडिया रील्स और काली फिल्म वाली गाड़ी पर उठे सवाल

जालंधर के पूर्व SHO राणा यादविंदर के खिलाफ विभागीय जांच की मांग, सोशल मीडिया रील्स और काली फिल्म वाली गाड़ी पर उठे सवाल

जालंधर, 27 अगस्त। जालंधर कमिश्नरेट के थाना डिवीजन नंबर 5 के पूर्व एसएचओ इंस्पेक्टर राणा यादविंदर के खिलाफ सेवा आचरण नियमों और मोटर वाहन अधिनियम के कथित उल्लंघन के मामले में विभागीय जांच की मांग उठी है। इस संबंध में जिला यूथ कांग्रेस (जालंधर शहरी) के अध्यक्ष अंगद दत्ता ने पंजाब सरकार और पुलिस विभाग के शीर्ष अधिकारियों को एक औपचारिक शिकायत भेजी है।

शिकायत की प्रतियां मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO), मुख्य सचिव पंजाब, पुलिस महानिदेशक (DGP) पंजाब तथा पुलिस कमिश्नर जालंधर को भी भेजी गई हैं। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इंस्पेक्टर राणा यादविंदर ने पुलिस की आधिकारिक वर्दी में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर मनोरंजन आधारित वीडियो और रील्स अपलोड की हैं, जो विभागीय निर्देशों के विपरीत हैं।

शिकायतकर्ता का कहना है कि डीजीपी पंजाब द्वारा पहले ही स्पष्ट निर्देश जारी किए जा चुके हैं, जिनमें पुलिस कर्मियों को वर्दी में डांस, मनोरंजन अथवा अन्य कैजुअल वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा करने से रोका गया है। आरोप है कि संबंधित अधिकारी की वायरल रील्स इन निर्देशों का उल्लंघन करती हैं।

शिकायत में एक वीडियो फुटेज का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें अधिकारी को सफेद रंग की स्कॉर्पियो गाड़ी (नंबर PB-08-FQ-5070) से उतरते हुए देखा जा सकता है। शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि उक्त वाहन के शीशों पर नियमों के विरुद्ध काली अथवा डार्क फिल्म लगी हुई प्रतीत होती है, जिसकी भी जांच की जानी चाहिए।

अंगद दत्ता ने कहा कि पुलिस अधिकारियों, विशेषकर एसएचओ जैसे जिम्मेदार पदों पर तैनात अधिकारियों से अपेक्षा की जाती है कि वे कानून और विभागीय नियमों का स्वयं पालन करें तथा जनता के लिए आदर्श प्रस्तुत करें। उन्होंने शिकायत में कहा कि पुलिस वर्दी विभाग की गरिमा, अनुशासन और अधिकार का प्रतीक है तथा यदि कोई अधिकारी सार्वजनिक रूप से नियमों की अवहेलना करता दिखाई देता है तो इससे जनता के बीच गलत संदेश जाता है और कानून व्यवस्था में विश्वास प्रभावित हो सकता है।

शिकायत की प्रमुख मांगें

  • वायरल सोशल मीडिया रील्स और वीडियो की औपचारिक जांच कर यह निर्धारित किया जाए कि क्या वे डीजीपी के निर्देशों का उल्लंघन करती हैं।

  • वीडियो में दिखाई दे रही स्कॉर्पियो गाड़ी (PB-08-FQ-5070) के शीशों पर कथित अवैध काली फिल्म की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए।

  • यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ पुलिस सेवा नियमों के तहत उचित प्रशासनिक और अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।

शिकायतकर्ता ने बताया कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए शिकायत के साथ वीडियो रिकॉर्डिंग, स्क्रीनशॉट और सोशल मीडिया पोस्ट के लिंक सहित इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य भी संलग्न किए गए हैं। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि संबंधित विभाग शिकायत पर क्या कार्रवाई करता है और जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं।

Published on: 27 Aug 2026

Global Admin
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