पंजाब में ED की कार्रवाई पर हाईकोर्ट की देर रात सुनवाई, वारंट ऑफिसर नियुक्त
चंडीगढ़: पंजाब में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से की जा रही तलाशी और जब्ती की कार्रवाई को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने बुधवार देर रात विशेष सुनवाई की। जस्टिस संजय वशिष्ठ की अध्यक्षता वाली पीठ ने मामले की परिस्थितियों को देखते हुए वरिष्ठ रैंक के एक वारंट ऑफिसर की नियुक्ति कर ED की कार्रवाई की निगरानी के निर्देश दिए।
हाईकोर्ट ने वारंट ऑफिसर को तलाशी और जब्ती की कार्रवाई वाली जगहों का किसी भी समय निरीक्षण करने तथा मौके की स्थिति की रिपोर्ट अदालत के समक्ष पेश करने के लिए अधिकृत किया है। उन्हें गुरुवार दोपहर 2 बजे तक स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश दिए गए हैं। मामले की सुनवाई देर रात शुरू हुई और रात 1 बजे के बाद तक जारी रही।
वरिष्ठ अधिकारियों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी
सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि पंजाब में ED की ओर से विभिन्न स्थानों पर तलाशी और जब्ती की कार्रवाई की जा रही है। अदालत के समक्ष यह भी जानकारी रखी गई कि पंजाब सरकार के वरिष्ठ स्तर के कुछ अधिकारियों को कथित तौर पर हिरासत में लिया गया है। इस दौरान यह दलील भी दी गई कि संबंधित अधिकारियों को ED की कार्रवाई के संबंध में पहले से कोई जानकारी नहीं दी गई थी।
पंजाब सरकार की ओर से अदालत के समक्ष यह भी कहा गया कि घटनाक्रम के चलते राज्य की सरकारी मशीनरी के प्रभावित होने जैसी स्थिति पैदा हो गई है। इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए हाईकोर्ट ने मौके की स्थिति की निगरानी के लिए वारंट ऑफिसर नियुक्त करने का अंतरिम आदेश दिया।
किसी भी समय मौके पर जा सकेंगे वारंट ऑफिसर
अदालत ने वारंट ऑफिसर को ED की तलाशी और जब्ती वाली जगहों पर जाकर मौके की स्थिति का निरीक्षण करने का अधिकार दिया है। वारंट ऑफिसर कार्रवाई के दौरान सामने आए तथ्यों और परिस्थितियों का निरीक्षण कर उसकी रिपोर्ट अदालत के समक्ष प्रस्तुत करेंगे।
हाईकोर्ट ने वारंट ऑफिसर की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यूटी के पुलिस महानिदेशक और मोहाली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए हैं।
गुरुवार दोपहर 2 बजे तक मांगी रिपोर्ट
हाईकोर्ट ने वारंट ऑफिसर को गुरुवार दोपहर 2 बजे तक अपनी स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। रिपोर्ट में तलाशी और जब्ती की कार्रवाई के दौरान मौके पर सामने आए तथ्यों तथा अधिकारियों से संबंधित घटनाक्रम का विवरण शामिल किया जाएगा।
पंजाब सरकार की ओर से अधिवक्ता फेरी सोफत ने अदालत के समक्ष सरका