पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर बढ़ा तनाव, हवाई हमलों और ड्रोन विवाद से हालात गंभीर
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पर तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। पाकिस्तान ने दावा किया है कि उसने अफगानिस्तान के भीतर 10 स्थानों पर हवाई हमले किए हैं, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर पाकिस्तान के खिलाफ ड्रोन हमलों के लिए किया गया था। इस घटनाक्रम ने दोनों पड़ोसी देशों के बीच संबंधों में नई तल्खी पैदा कर दी है और क्षेत्रीय शांति प्रयासों पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने कहा कि अफगानिस्तान की तालिबान फोर्स ने कथित रूप से आठ ड्रोन दागे और पाकिस्तानी सीमा चौकियों पर गोलाबारी की। पाकिस्तानी अधिकारियों के अनुसार सुरक्षा बलों ने सभी ड्रोन मार गिराए और किसी प्रकार का नुकसान नहीं होने दिया। उनका कहना है कि यह कार्रवाई देश की सुरक्षा तैयारियों और सतर्कता का प्रमाण है।
दूसरी ओर, अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने इन आरोपों से इनकार किया है। तालिबान के प्रवक्ता ज़बीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि अफगान तालिबान बलों ने पाकिस्तान के खिलाफ कोई हमला नहीं किया। काबुल की ओर से पाकिस्तान के ताजा हवाई हमलों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
पाकिस्तानी अधिकारियों का आरोप है कि हाल के दिनों में अफगानिस्तान की सीमा से उग्रवादियों ने घुसपैठ की कोशिश की, जिसे सुरक्षा बलों ने विफल कर दिया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच सीमा क्षेत्रों में गोलाबारी हुई। पाकिस्तान का कहना है कि उसने जवाबी कार्रवाई में सीमा पार मौजूद कथित उग्रवादी ठिकानों और सैन्य चौकियों को निशाना बनाया।
इस्लामाबाद लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि अफगानिस्तान की धरती का इस्तेमाल पाकिस्तान विरोधी उग्रवादी संगठनों द्वारा किया जा रहा है, जबकि काबुल इन आरोपों को लगातार खारिज करता रहा है। हालिया घटनाओं ने दोनों देशों के बीच अविश्वास को और बढ़ा दिया है।
विश्लेषकों का मानना है कि सीमा पर बढ़ता तनाव चीन, तुर्की, कतर और सऊदी अरब जैसे देशों की उन कूटनीतिक कोशिशों को प्रभावित कर सकता है, जिनका उद्देश्य पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच स्थायी शांति और सहयोग को बढ़ावा देना है। फिलहाल दोनों देशों के दावों और जवाबी दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन हालात पर पूरे क्षेत्र की नजर बनी हुई है।