बठिंडा में पूर्व सरपंच की कुल्हाड़ी से हत्या, शराब ठेके के बाहर वारदात; आरोपी गिरफ्तार
बठिंडा डेस्क: बठिंडा में रविवार देर शाम शराब ठेके के बाहर फूस मंडी के पूर्व सरपंच जगतार सिंह की कुल्हाड़ी से हमला कर हत्या कर दी गई। वारदात के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने आरोपी गुरबख्श सिंह को गिरफ्तार कर लिया है और उसके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल कुल्हाड़ी भी बरामद की गई है।
जानकारी के अनुसार, जगतार सिंह शराब खरीदने के लिए जस्सी पो वाली स्थित शराब ठेके पर पहुंचे थे। इसी दौरान पीछे से आए गांव के ही गुरबख्श सिंह ने उन पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। गंभीर चोट लगने के कारण जगतार सिंह की मौके पर ही मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही थाना कैंट पुलिस, डीएसपी सिटी-2, एसएचओ और सीआईए की टीमें मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने घटनास्थल पर मौजूद लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ की तथा आरोपी की तलाश शुरू की। बाद में पुलिस ने गुरबख्श सिंह को गिरफ्तार कर लिया।
पहले से इंतजार कर रहा था आरोपी
मृतक के भतीजे हैप्पी सिंह के अनुसार, जगतार सिंह रविवार शाम शराब खरीदने के लिए ठेके पर गए थे। इसी दौरान आरोपी ने पीछे से आकर उन पर हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था। कुछ देर बाद वह दोबारा घटनास्थल पर पहुंचा और जगतार सिंह की मौत की पुष्टि करने के बाद पैदल ही वहां से चला गया।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी पहले से ही शराब ठेके पर बैठा हुआ था और कथित तौर पर जगतार सिंह के आने का इंतजार कर रहा था। पुलिस को आशंका है कि आरोपी ने पहले से उनकी गतिविधियों पर नजर रखी हुई थी। हत्या के बाद वह कटार सिंह वाला की ओर फरार हो गया था।
पुरानी व्यक्तिगत रंजिश का शक
एसपी सिटी अश्वंत सिंह ने बताया कि जस्सी चौक के पास हत्या की सूचना मिलने के बाद पुलिस टीमों ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। आरोपी गुरबख्श सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है। प्रारंभिक जांच में मृतक और आरोपी के बीच पुरानी व्यक्तिगत रंजिश की बात सामने आई है। हालांकि, हत्या की वास्तविक वजह का अभी पूरी तरह खुलासा नहीं हुआ है।
पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
अकाली दल के बाद भाजपा से जुड़ाव
जगतार सिंह के राजनीतिक जुड़ाव को लेकर भी चर्चा है। बताया जा रहा है कि वह पहले शिरोमणि अकाली दल से जुड़े हुए थे और बाद में भाजपा में शामिल हो गए थे। हालांकि, पुलिस ने अभी तक हत्या को किसी राजनीतिक कारण से जोड़ने की पुष्टि नहीं की है और फिलहाल जांच व्यक्तिगत रंजिश के एंगल से आगे बढ़ाई जा रही है।
पुलिस ने शव को सहारा जनसेवा टीम की मदद से सिविल अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवा दिया है। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा।