डीजीपी से मिला 'आप' प्रतिनिधिमंडल, सीएम मान से जुड़े कथित फर्जी वीडियो मामले में सख्त कार्रवाई की मांग
चंडीगढ़: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को कथित तौर पर बदनाम करने और पंजाब की शांति एवं सांप्रदायिक सौहार्द को प्रभावित करने के उद्देश्य से वायरल किए गए फर्जी वीडियो के मामले में गुरुवार को आम आदमी पार्टी (आप) के एक प्रतिनिधिमंडल ने पंजाब पुलिस प्रमुख से मुलाकात कर कार्रवाई की मांग की।
वित्त मंत्री Harpal Singh Cheema के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने डीजीपी को दो फोरेंसिक रिपोर्टें सौंपते हुए कथित फर्जी वीडियो तैयार करने और उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की। इस प्रतिनिधिमंडल में Aman Arora, Baltej Pannu तथा पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता शामिल थे।
मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए एक सुनियोजित साजिश रची गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक लाभ के लिए फर्जी और छेड़छाड़ किए गए वीडियो का सहारा लिया जा रहा है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता।
चीमा ने कहा कि हाल ही में सामने आई फोरेंसिक रिपोर्टों में यह निष्कर्ष निकाला गया है कि वायरल वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान नहीं है। उन्होंने मांग की कि वीडियो तैयार करने, उसे प्रसारित करने और इसके पीछे कथित रूप से शामिल मास्टरमाइंड की पहचान कर तत्काल गिरफ्तारी की जाए।
प्रेस वार्ता के दौरान वित्त मंत्री ने शिरोमणि अकाली दल पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पार्टी का इतिहास पंजाब और पंथ के हितों के विपरीत रहा है। उन्होंने नकोदर, बरगाड़ी, बहबल कलां और कोटकपूरा जैसी घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन मामलों को लेकर पंजाब की जनता आज भी जवाब चाहती है।
चीमा ने दावा किया कि वर्तमान राज्य सरकार संगठित अपराध और गैंगस्टर संस्कृति के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है, जिससे कुछ राजनीतिक ताकतें असहज हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब की शांति, भाईचारे और सामाजिक सद्भाव को नुकसान पहुंचाने की किसी भी कोशिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा।
प्रतिनिधिमंडल ने डीजीपी से मांग की कि पूरे मामले की व्यापक जांच कराई जाए और वीडियो तैयार करने तथा फैलाने वाले सभी व्यक्तियों और नेटवर्क की पहचान कर उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए। हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि यदि इस कथित साजिश में शामिल लोग राज्य के बाहर या विदेशों में भी हैं, तो उन्हें भी कानून के दायरे में लाने के प्रयास किए जाएंगे।
आप नेताओं ने कहा कि पंजाब में कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है तथा किसी भी प्रकार की भ्रामक या भड़काऊ सामग्री फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने चाहिए।