संसद गतिरोध और राम मंदिर मुद्दे पर केंद्र पर बरसीं प्रियंका गांधी, सरकार से मांगे जवाब
नई दिल्ली। कांग्रेस महासचिव Priyanka Gandhi Vadra ने बुधवार को केंद्र सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि सरकार महत्वपूर्ण मुद्दों पर जवाब देने से बच रही है और संसद के प्रति अपनी जवाबदेही निभाने में विफल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर से चढ़ावे की कथित चोरी से जुड़े सवालों पर सरकार यह कहकर जवाब देने से इनकार कर रही है कि यह राज्य का विषय है।
संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि संसद वह मंच है जहां सरकार को जनता के सवालों का जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि मानसून सत्र के अंतिम चरण में भी जारी गतिरोध यह दर्शाता है कि सरकार जनता के प्रति अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से नहीं ले रही है।
प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई को लेकर उठाए सवाल
कांग्रेस महासचिव ने हाल के प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए कहा कि देशभर में बड़ी संख्या में युवा सड़कों पर उतरे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग किया गया, आंसू गैस के गोले छोड़े गए और अन्य कठोर कदम उठाए गए। उन्होंने सवाल किया कि ऐसी कार्रवाइयों के आदेश किस स्तर से दिए गए और सरकार इस पर संसद में बयान देने से क्यों बच रही है।
राम मंदिर चंदे के मुद्दे पर सरकार को घेरा
प्रियंका गांधी ने कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए देशभर के लोगों ने आस्था के आधार पर योगदान दिया था। उनके अनुसार गरीब और सामान्य परिवारों ने भी मंदिर निर्माण के उद्देश्य से दान दिया था। उन्होंने कहा कि भगवान राम के प्रति श्रद्धा केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि कई अन्य देशों में भी करोड़ों लोग उनसे जुड़ी आस्था रखते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि लोकसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने राम मंदिर के मुद्दे को राजनीतिक रूप से प्रमुखता से उठाया, लेकिन अब जब चढ़ावे और धन प्रबंधन से जुड़े सवाल उठ रहे हैं तो सरकार इसे राज्य का विषय बताकर जवाब देने से बच रही है।
प्रधानमंत्री की भूमिका का भी किया उल्लेख
प्रियंका गांधी ने कहा कि राम मंदिर के उद्घाटन में प्रधानमंत्री Narendra Modi ने स्वयं भाग लिया था और यह राष्ट्रीय महत्व का कार्यक्रम था। उन्होंने कहा कि जब मंदिर के नाम पर पूरे देश से लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की गई, तब इसे केवल राज्य का विषय नहीं माना गया। ऐसे में अब उठ रहे सवालों पर भी केंद्र सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
कांग्रेस नेता के इन बयानों के बाद राम मंदिर से जुड़े वित्तीय प्रबंधन और संसद में सरकार की जवाबदेही को लेकर राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है। उल्लेखनीय है कि प्रियंका गांधी ने ये आरोप लगाए हैं, जबकि संबंधित मामलों में आधिकारिक जांच या निष्कर्षों को लेकर सरकार की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आना अभी बाकी है।