'युद्ध नशों विरुद्ध' अभियान के 500 दिन पूरे, 73 हजार से अधिक नशा तस्कर गिरफ्तार: डॉ. बलबीर सिंह
चंडीगढ़, 14 जुलाई 2026। पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा शुरू किया गया 'युद्ध नशों विरुद्ध' अभियान 500 दिन पूरे कर चुका है और अब यह जन आंदोलन का रूप ले चुका है। उन्होंने कहा कि सख्त कार्रवाई, उपचार, पुनर्वास और जनभागीदारी के जरिए पंजाब को नशा मुक्त बनाने की दिशा में उल्लेखनीय सफलता मिली है।
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि अभियान के तहत अब तक एनडीपीएस एक्ट के तहत 52,432 एफआईआर दर्ज की गई हैं और 73,300 से अधिक नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें 621 बड़े तस्कर भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने नशा तस्करों की 847 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति जब्त की है, जबकि पिछली सरकारों ने इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार की 'प्रोटेक्ट, हील एंड प्रिवेंट' (सुरक्षा, उपचार और रोकथाम) रणनीति के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। उन्होंने बताया कि सेफ पंजाब हेल्पलाइन (97791-00200) पर पिछले 500 दिनों में 46,342 शिकायतें मिलीं, जिनके आधार पर 22,960 नशा तस्करों की गिरफ्तारी हुई। इससे लोगों का सरकार और कानून लागू करने वाली एजेंसियों पर बढ़ता विश्वास स्पष्ट होता है।
डॉ. बलबीर सिंह ने दावा किया कि भगवंत मान सरकार के कार्यकाल में 6,608 किलोग्राम हेरोइन बरामद की गई, जबकि इससे पहले अकाली और कांग्रेस सरकारों के संयुक्त 15 वर्षों में 5,229 किलोग्राम हेरोइन जब्त हुई थी। उन्होंने कहा कि पंजाब ने एनडीपीएस मामलों में 89 प्रतिशत दोषसिद्धि दर हासिल की है, जो देश में सबसे अधिक दरों में शामिल है।
उन्होंने बताया कि राज्य में वर्तमान में 213 सरकारी एवं निजी नशा मुक्ति केंद्र, 90 पुनर्वास केंद्र और 547 ओओएटी (OOAT) क्लीनिक संचालित हैं। अब तक 10 लाख से अधिक लोगों का पंजीकरण किया जा चुका है तथा 38 हजार से अधिक मरीजों का सरकारी केंद्रों में उपचार हुआ है। सरकार ने नशा मुक्ति केंद्रों की क्षमता 1,500 से बढ़ाकर 5,000 बिस्तर कर दी है।
डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि सरकार उपचार के साथ पुनर्वास पर भी विशेष ध्यान दे रही है। 'सूरमा–एंबेसडर ऑफ रिकवरी' और 'कम्युनिटी ब्रिज प्रोग्राम' जैसी योजनाओं के माध्यम से नशा छोड़ चुके लोगों को समाज में सम्मानपूर्वक पुनर्स्थापित किया जा रहा है। साथ ही स्कूलों में जागरूकता अभियान, शिक्षकों को मानसिक स्वास्थ्य प्रशिक्षण और युवाओं के लिए रोकथाम कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं।
सीमा पार से हो रही नशा तस्करी पर चिंता व्यक्त करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने केंद्र सरकार से अंतरराष्ट्रीय सीमा पर निगरानी और मजबूत करने, ड्रोन के जरिए होने वाली तस्करी रोकने तथा अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट और पंजाब के बाहर संचालित आपराधिक नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस कार्रवाई से नहीं जीती जा सकती, बल्कि इसके लिए समाज, सरकार और जनता के संयुक्त प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि भगवंत मान सरकार पंजाब को पूर्ण रूप से नशा मुक्त बनाने के अपने संकल्प को पूरा करेगी।